CTET New Rules 2026: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी CTET देशभर में शिक्षक बनने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह परीक्षा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित की जाती है और सरकारी स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति की दिशा में यह अनिवार्य योग्यता मानी जाती है। वर्ष 2026 की फरवरी में आयोजित परीक्षा कई दृष्टियों से खास रही, क्योंकि इस बार परीक्षा प्रणाली में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा NCFSE 2023 के अनुरूप व्यापक संशोधन किए गए। इन परिवर्तनों का उद्देश्य केवल जानकारी जांचना नहीं, बल्कि वास्तविक शिक्षण क्षमता और कक्षा प्रबंधन कौशल को परखना है। जो अभ्यर्थी आगामी सत्र की तैयारी कर रहे हैं या हालिया परीक्षा परिणाम की प्रतीक्षा में हैं, उनके लिए यह अपडेट बेहद अहम है।
NCFSE 2023 के अनुसार सिलेबस और प्रश्न पैटर्न में बदलाव
इस वर्ष प्रश्नपत्र में पारंपरिक रटने वाले सवालों की संख्या घटाकर सक्षमता आधारित प्रश्नों को बढ़ाया गया। अब सवाल सीधे सिद्धांत पूछने के बजाय यह जानने की कोशिश करते हैं कि शिक्षक कक्षा में किसी विषय को किस तरह प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगा। उदाहरण के तौर पर, पहले जहां किसी अवधारणा की परिभाषा पूछी जाती थी, वहीं अब उसी विषय को गतिविधि या व्यवहारिक उदाहरण के माध्यम से समझाने की विधि पूछी जा सकती है।
बाल विकास और शिक्षाशास्त्र खंड में भी व्यवहारिक परिस्थितियों से जुड़े प्रश्नों का प्रतिशत बढ़ा है। गणित तथा पर्यावरण अध्ययन के प्रश्नों में विश्लेषणात्मक सोच और समस्या समाधान कौशल पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसका सीधा अर्थ है कि अभ्यर्थियों को केवल पाठ्यपुस्तक आधारित तैयारी से आगे बढ़कर शिक्षण पद्धति को समझना होगा।
सर्टिफिकेट की वैधता में बड़ा संशोधन
CTET से जुड़ा एक महत्वपूर्ण निर्णय यह है कि अब परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद प्राप्त प्रमाणपत्र की वैधता आजीवन रहेगी। पहले यह अवधि सीमित थी, जिससे अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देने की आवश्यकता पड़ती थी। इस बदलाव ने उम्मीदवारों को मानसिक और आर्थिक दोनों तरह से राहत दी है।
इसके साथ ही परीक्षा में नकारात्मक अंकन की व्यवस्था नहीं है। यानी यदि कोई उत्तर गलत हो जाता है तो अंक नहीं काटे जाएंगे। हालांकि OMR शीट भरते समय विशेष सावधानी आवश्यक है, क्योंकि एक बार जमा होने के बाद उसमें सुधार का अवसर नहीं दिया जाता।
पेपर 1 और पेपर 2 के लिए पात्रता शर्तें
CTET दो स्तरों पर आयोजित होती है। पेपर 1 उन अभ्यर्थियों के लिए है जो कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाना चाहते हैं, जबकि पेपर 2 कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षकों के लिए होता है। पेपर 1 के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ सीनियर सेकेंडरी उत्तीर्ण होना आवश्यक है, साथ ही दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन या समकक्ष प्रशिक्षण अनिवार्य है। पेपर 2 के लिए स्नातक डिग्री के साथ संबंधित शिक्षक प्रशिक्षण योग्यता आवश्यक है।
उत्तीर्णांक की बात करें तो सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। आरक्षित वर्गों के लिए यह सीमा नियमानुसार कम निर्धारित की जाती है। अभ्यर्थियों को आवेदन के समय सभी प्रमाणपत्र सही और वैध होने चाहिए, क्योंकि सत्यापन प्रक्रिया में किसी भी त्रुटि से आवेदन निरस्त हो सकता है।
आवेदन शुल्क और महत्वपूर्ण निर्देश
CTET परीक्षा के लिए शुल्क संरचना स्पष्ट रूप से निर्धारित है। एक पेपर के लिए अलग शुल्क और दोनों पेपरों के लिए अलग शुल्क लिया जाता है। भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किया जाता है।
ध्यान रखने योग्य बात यह है कि आवेदन शुल्क किसी भी परिस्थिति में वापस नहीं किया जाता। इसलिए फॉर्म भरने से पहले पात्रता मानदंड और आधिकारिक अधिसूचना को ध्यानपूर्वक पढ़ना आवश्यक है। सुधार विंडो सीमित अवधि के लिए खुलती है, अतः आवेदन करते समय सभी विवरण सही दर्ज करना अनिवार्य है।
उत्तर कुंजी और परिणाम प्रक्रिया
परीक्षा के कुछ दिनों बाद अस्थायी उत्तर कुंजी जारी की जाती है। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर किसी प्रश्न या उत्तर पर आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार दिया जाता है। यदि आपत्ति सही पाई जाती है तो संशोधित उत्तर कुंजी जारी की जाती है।
अंतिम परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाता है और डिजिटल प्रमाणपत्र डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध रहती है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल सक्रिय रखें, क्योंकि सभी सूचनाएं इन्हीं माध्यमों से प्राप्त होती हैं।
नए सिलेबस के अनुसार तैयारी रणनीति
आगामी सत्र की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को अपनी रणनीति में बदलाव लाना होगा। NCFSE 2023 आधारित सिलेबस को समझकर ही अध्ययन सामग्री का चयन करें। बाल विकास और शिक्षाशास्त्र विषय को गहराई से पढ़ना जरूरी है, क्योंकि यह दोनों पेपरों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
नियमित मॉक टेस्ट और समयबद्ध अभ्यास से परीक्षा में गति और सटीकता बढ़ती है। प्रत्येक पेपर में 150 प्रश्न होते हैं और कुल समय ढाई घंटे का होता है। ऐसे में समय प्रबंधन कौशल विकसित करना बेहद आवश्यक है।
समूह अध्ययन और ऑनलाइन संसाधनों का संतुलित उपयोग तैयारी को मजबूत बना सकता है। केवल पुराने प्रश्नपत्रों पर निर्भर रहने के बजाय नए पैटर्न के अनुरूप अभ्यास करना अधिक लाभदायक रहेगा।
निष्कर्ष
CTET 2026 में किए गए बदलाव यह संकेत देते हैं कि अब शिक्षक चयन प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक और गुणवत्ता आधारित बनाया जा रहा है। परीक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान जांचना नहीं, बल्कि शिक्षण कौशल को परखना है। अभ्यर्थियों को चाहिए कि वे आधिकारिक अधिसूचनाओं पर नजर रखें और समय-समय पर अपडेट प्राप्त करते रहें। सही दिशा में की गई तैयारी ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करेगी।









