IMD Rain Hailstorm Alert 2026: उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर अप्रत्याशित रूप से करवट ली है। हाल के दिनों में तेज धूप और बढ़ती गर्माहट के बाद अब कई राज्यों में बादल छाने, बारिश होने और ओलावृष्टि की घटनाएँ सामने आ रही हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए कई क्षेत्रों के लिए चेतावनी दी है।
मौसम में आए इस बदलाव ने आम लोगों से लेकर किसानों तक सभी की चिंता बढ़ा दी है। खासकर उन इलाकों में जहाँ फसलें पकने की स्थिति में हैं, वहाँ ओलों और तेज हवाओं का खतरा गंभीर माना जा रहा है।
मौसम परिवर्तन की मुख्य वजह
पश्चिमी विक्षोभ का असर
IMD के अनुसार, वर्तमान मौसम अस्थिरता के पीछे एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) जिम्मेदार है। यह प्रणाली हिमालयी क्षेत्र से टकराने के बाद मैदानी राज्यों के मौसम को प्रभावित कर रही है।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण वातावरण में नमी बढ़ती है, जिससे बादल बनते हैं और वर्षा की स्थिति बनती है। यही कारण है कि अचानक मौसम ठंडा महसूस होने लगा है।
पहाड़ी से मैदानी क्षेत्रों तक प्रभाव
पहले इसका प्रभाव जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में देखा जाता है। इसके बाद यह असर धीरे-धीरे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान जैसे मैदानी राज्यों तक पहुँचता है।
किन राज्यों में दर्ज हुई बारिश?
दिल्ली-एनसीआर
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। इससे तापमान में गिरावट देखी गई और मौसम सुहावना हो गया।
हालांकि, कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और गरज के साथ बूंदाबांदी भी हुई।
पंजाब और हरियाणा
पंजाब व हरियाणा के कई जिलों में बादल छाने के साथ हल्की बारिश की सूचना मिली है। इससे दिन के तापमान में कमी आई है।
राजस्थान के कई हिस्से
राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में मौसम अधिक सक्रिय रहा। यहाँ बारिश के साथ ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
IMD का अलर्ट: अगले 5 दिनों का पूर्वानुमान
मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा
मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि अगले पाँच दिनों तक उत्तर भारत में मौसम स्थिर नहीं रहेगा। बीच-बीच में बादल, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।
पहाड़ी राज्यों के लिए चेतावनी
IMD ने निम्न क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है:
- जम्मू-कश्मीर
- लद्दाख
- हिमाचल प्रदेश
- उत्तराखंड
अगले दो दिनों में इन राज्यों में मौसम ज्यादा खराब रहने का अनुमान है।
मैदानी इलाकों में तेज हवाएँ
पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएँ चल सकती हैं।
यह स्थिति तापमान को और नीचे ला सकती है।
ओलावृष्टि को लेकर विशेष चेतावनी
राजस्थान में ऑरेंज अलर्ट
राजस्थान के कुछ जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। यहाँ तेज बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना जताई गई है।
ओलावृष्टि का खतरा विशेष रूप से कृषि क्षेत्रों के लिए चिंता का विषय है।
किसानों के लिए जोखिम
ओले गिरने से:
- खड़ी फसलें प्रभावित हो सकती हैं
- फल-सब्जियों को नुकसान पहुँच सकता है
- गेहूँ, सरसों जैसी रबी फसलों पर असर पड़ सकता है
तापमान में संभावित गिरावट
उत्तर-पश्चिम भारत में असर
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी हो सकती है।
इससे दिन का मौसम ठंडा और अपेक्षाकृत सुहावना रह सकता है।
रात के तापमान पर भी प्रभाव
रात के तापमान में भी हल्की गिरावट संभव है, जिससे सुबह और देर रात ठंड महसूस हो सकती है।
पश्चिमी भारत का मौसम
गुजरात और महाराष्ट्र
फिलहाल गुजरात और महाराष्ट्र में तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। यहाँ मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।
हालांकि, आने वाले दिनों में हल्की गर्माहट बढ़ सकती है।
शुष्क और स्थिर स्थिति
इन राज्यों में मौसम अपेक्षाकृत स्थिर और शुष्क बना रह सकता है।
पूर्वी और तटीय क्षेत्रों का पूर्वानुमान
ओडिशा में कोहरे की संभावना
ओडिशा के कुछ इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है। इससे दृश्यता कम हो सकती है।
तटीय आंध्र प्रदेश
तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी सुबह हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बन सकती है।
दिल्ली का आगामी मौसम
बदलता रहेगा मिजाज
दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक मौसम मिश्रित रह सकता है। कुछ दिन आसमान साफ और धूप वाला रहेगा, जबकि बीच-बीच में बादल छा सकते हैं।
हल्की बारिश की संभावना
कभी-कभार हल्की बारिश या बूंदाबांदी की स्थिति बन सकती है।
आम जनता के लिए सलाह
मौसम अपडेट पर नजर रखें
IMD का अलर्ट देखते हुए लोगों को नियमित रूप से मौसम पूर्वानुमान पर ध्यान देना चाहिए।
यात्रा के दौरान सावधानी
तेज हवाओं, बारिश या कोहरे की स्थिति में वाहन चलाते समय सतर्क रहें।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
फसल सुरक्षा उपाय अपनाएँ
ओलावृष्टि और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए किसान निम्न कदम उठा सकते हैं:
- फसलों पर नेट या कवर का उपयोग
- खेत में जल निकासी की व्यवस्था
- कटाई योग्य फसलों की शीघ्र कटाई
मौसम आधारित योजना
कृषि कार्यों को मौसम पूर्वानुमान के अनुसार समायोजित करना लाभदायक हो सकता है।
निष्कर्ष
उत्तर भारत में मौसम का अचानक बदलना पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव का स्पष्ट संकेत है। IMD का अलर्ट दर्शाता है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश, तेज हवाएँ और ओलावृष्टि की घटनाएँ देखने को मिल सकती हैं।
तापमान में गिरावट से जहाँ गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं खराब मौसम कृषि और दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में सतर्कता, तैयारी और समय पर जानकारी ही सबसे बेहतर सुरक्षा उपाय हैं।
महत्वपूर्ण सूचना
यह लेख सामान्य मौसम जानकारी पर आधारित है। सटीक और अद्यतन पूर्वानुमान के लिए भारतीय मौसम विभाग (IMD) की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय मौसम बुलेटिन का संदर्भ अवश्य लें। मौसम स्थितियाँ समय-समय पर बदल सकती हैं।










